अनुसंधान रिपोर्ट की विषय-वस्तु: (Content of Research Reports)

 📊 अनुसंधान रिपोर्ट की विषय-वस्तु: एक Research Analyst के लिए जरूरी Guidelines

एक Research Report न सिर्फ Investors के लिए Decision-Making Tool होती है, बल्कि यह Research Analyst या Research Entity की Integrity और Professionalism को भी Reflect करती है। यही कारण है कि SEBI ने इसकी Content Structure और Presentation को लेकर स्पष्ट नियम तय किए हैं। आइए, इन्हें विस्तार से समझते हैं।


🔍 1. Factual Accuracy और Terminology की Consistency

SEBI का पहला और सबसे महत्वपूर्ण नियम यह है कि:

"Research Report में दिए गए सभी तथ्य (facts) भरोसेमंद स्रोतों पर आधारित होने चाहिए और सभी Recommendations स्पष्ट परिभाषित शब्दों (defined terms) में होने चाहिए।"

इसका मतलब:

  • रिपोर्ट में जो डेटा या इनफॉर्मेशन है, वह किसी credible और verifiable source से होनी चाहिए।

  • जैसे कि यदि आप "Buy", "Hold" या "Sell" Recommendation देते हैं, तो इन शब्दों का मतलब साफ़-साफ़ Define किया होना चाहिए।

  • इन शब्दों का इस्तेमाल रिपोर्ट-दर-रिपोर्ट एक जैसा होना चाहिए (Consistency is key!)।

📌 Example:
अगर “Buy” का मतलब है कि अगले 12 महीनों में शेयर की कीमत में 15% से ज़्यादा वृद्धि की उम्मीद है, तो हर रिपोर्ट में यही डेफिनिशन रहे।


⭐ 2. Rating System की स्पष्टता (Clarity of Ratings)

अगर आपकी रिपोर्ट में Rating System यूज़ हो रहा है, तो कुछ बातों को स्पष्ट करना ज़रूरी है:

  • Rating का मतलब क्या है? (उदाहरण: Buy, Outperform, Neutral, Underperform, Sell)

  • Time Horizon क्या है जिस पर रेटिंग आधारित है? (उदाहरण: 6 महीने, 1 साल)

  • Benchmark क्या है जिससे तुलना की जा रही है? (उदाहरण: Nifty 50, Sensex)

📌 Example:
“Outperform” का मतलब हो सकता है कि कंपनी का प्रदर्शन अगले 12 महीनों में Nifty 50 की तुलना में बेहतर होगा।


📈 3. Price Chart का Requirement

यदि आपने किसी कंपनी की Securities के लिए Target Price या Rating कम से कम 1 साल तक मेंटेन किया है, तो आपको एक अतिरिक्त Visual Element देना होगा:

"Research Report में उस Security के Daily Closing Price का एक Graph शामिल होना चाहिए, जो या तो उस अवधि को दर्शाए जिस दौरान रेटिंग दी गई थी, या फिर अधिकतम 3 साल की अवधि — जो भी कम हो।"

क्यों जरूरी है?

  • यह Investors को दिखाता है कि Analyst की Recommendation historically कितनी सटीक रही है।

  • यह एक तरह का Performance Tracker होता है।

📊 Graph Example:

  • X-axis = Date (last 1-3 years)

  • Y-axis = Daily Closing Price

  • Vertical lines or markers = जब-जब Rating में बदलाव हुआ


📝 निष्कर्ष (Conclusion)

एक अच्छी Research Report सिर्फ डेटा और राय का मिश्रण नहीं होती, बल्कि यह एक Well-Structured, Transparent और Trustworthy Document होनी चाहिए।
SEBI द्वारा बताए गए इन Guidelines का पालन करके, एक Research Analyst:

✅ Investor Trust कमा सकता है
✅ Professional Reputation बढ़ा सकता है
✅ Regulatory Compliance सुनिश्चित कर सकता है


🚨 Remember:

Element ज़रूरी है?

विश्वसनीय डेटा का उपयोग

Terminology की स्पष्टता

Rating Definition और Benchmark

Price Chart (1–3 साल)

✅ अगर Target Price मेंटेन किया गया हो


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