Research Analyst बनने के लिए योग्यता और Certification Requirement – एक सम्पूर्ण गाइड

🧑‍💼 SEBI (भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड) द्वारा बनाए गए Research Analyst Regulations, 2014 के अनुसार, यदि आप एक Research Analyst के रूप में कार्य करना चाहते हैं या इस प्रोफेशन में अपना करियर बनाना चाहते हैं, तो आपके पास कुछ निर्धारित Eligibility Criteria और Certification Requirements पूरी होनी चाहिए।

यह गाइड आपको विस्तार से बताएगी कि एक SEBI Registered Research Analyst बनने के लिए क्या योग्यताएं और प्रमाणपत्र ज़रूरी हैं।


🎓 1. Educational Qualification (शैक्षणिक योग्यता)

SEBI के नियमों के तहत, जो भी व्यक्ति Research Report या Research Analysis की तैयारी और प्रकाशन में शामिल है – जैसे कि:

  • Individually registered Research Analyst

  • किसी Entity के अंदर employed Research Analyst

  • Partners (यदि Partnership firm है)

… उन सभी के पास निम्नलिखित में से कोई Minimum Educational Qualification होनी चाहिए:

(i) Post-Graduate Degree / Diploma / Professional Qualification in:

  • Finance

  • Accounting

  • Business Management

  • Commerce

  • Economics

  • Capital Market

  • Financial Services या Market से जुड़े अन्य विषय

इन संस्थानों में से किसी एक से होनी चाहिए:

  • विश्वविद्यालय जो UGC, संसद के अधिनियम, या अन्य सरकारी मान्यता प्राप्त निकायों द्वारा मान्यता प्राप्त हो

  • भारत सरकार या राज्य सरकार द्वारा स्थापित संस्थान

  • भारत सरकार के तहत काम करने वाले Autonomous Institutes

(ii) या फिर:

AICTE, NAAC, NBA या संसद के अधिनियम के तहत गठित किसी भी Council/Board/Body द्वारा मान्यता प्राप्त कोई Post-Graduate Diploma या Degree या Professional Qualification

(iii) या फिर:

NISM का Post Graduate Program in Securities Markets (Research Analysis) — जिसकी अवधि 1 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए।

(iv) या फिर:

यदि आपके पास किसी भी विषय में स्नातक (Bachelor’s Degree) है + कम से कम 5 वर्ष का अनुभव हो Financial Products, Markets, Securities, Funds, Asset Management या Portfolio Management जैसी गतिविधियों में – तो आप भी योग्य माने जाते हैं।


📜 2. NISM Certification Requirement (प्रमाणन की आवश्यकता)

Compulsory Certification – NISM Series XV: Research Analyst

SEBI के अनुसार:

  • सभी Registered Research Analysts और उनके Employing Entities को यह सुनिश्चित करना होता है कि वे हर समय वैध NISM Research Analyst Certification (Series XV) या SEBI द्वारा समय-समय पर मान्यता प्राप्त अन्य प्रमाणन धारित करें।

🕰️ Transition Clause (छूट):

यदि कोई संस्था या व्यक्ति पहले से ही Research Report प्रकाशित कर रहा था और SEBI से Registration लेने की प्रक्रिया में है, तो:

  • उसे इन Regulations के लागू होने की तारीख से 2 साल के भीतर यह प्रमाणन प्राप्त करना अनिवार्य है।


🔁 Renewal Requirement (नवीनीकरण की आवश्यकता)

  • NISM प्रमाणपत्र की एक निश्चित Validity होती है (आमतौर पर 3 वर्ष)।

  • SEBI नियमों के अनुसार, आपको Certificate की Expiry से पहले नया Certification क्लियर करके Continuity बनाए रखनी होती है।


📝 Quick Summary (संक्षिप्त सारांश):

श्रेणी विवरण

शैक्षणिक योग्यता

Finance/Economics/Commerce आदि में PG या Recognized Professional Qualification

वैकल्पिक योग्यता

5 वर्षों का Financial Sector अनुभव + Bachelor's Degree

NISM Certification

Series XV: Research Analyst – अनिवार्य

प्रमाणन वैधता

हर समय वैध प्रमाणपत्र अनिवार्य

Renewal

समय से पहले नए प्रमाणपत्र द्वारा रिन्यू जरूरी


🚀 क्यों जरूरी है यह योग्यता और प्रमाणन?

  • यह निवेशकों को भरोसेमंद, पारदर्शी और निष्पक्ष सलाह देने में मदद करता है।

  • Regulatory compliance से आप अपने प्रोफेशन में लंबे समय तक टिके रहते हैं।

  • NISM certification आपको टेक्निकल और एथिकल स्टैंडर्ड्स पर प्रशिक्षित करता है।


📚 Conclusion:

अगर आप Research Analyst बनने की सोच रहे हैं, तो यह आवश्यक है कि आप उपरोक्त योग्यता और प्रमाणन शर्तों को ध्यान में रखें और समय रहते उन्हें पूरा करें। इससे न केवल आप SEBI Registered Professional बन पाएंगे, बल्कि निवेशकों के बीच भी एक भरोसेमंद नाम बन सकेंगे।

अगर आपको NISM Series XV exam की तैयारी में मदद चाहिए, तो मैं आपको Study Notes, Practice Questions, और Mock Tests भी प्रदान कर सकता हूँ।


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