आज के आधुनिक वित्तीय बाजारों में निवेश के लिए केवल स्टॉक्स या बॉन्ड्स ही नहीं, बल्कि अनेक structured financial instruments भी उपलब्ध हैं। इनमें से दो महत्वपूर्ण और लोकप्रिय उत्पाद हैं – बंधक समर्थित प्रतिभूतियां (Mortgage Backed Securities - MBS) और परिसंपत्ति समर्थित प्रतिभूतियां (Asset Backed Securities - ABS)।
ये दोनों securities निवेशकों को नियमित आय देने वाले उपकरण हैं, जो खास प्रकार की financial assets से जुड़े होते हैं। आइए समझते हैं कि MBS और ABS क्या हैं, कैसे काम करते हैं, और निवेशकों के लिए इनके क्या फायदे और जोखिम होते हैं।
बंधक समर्थित प्रतिभूतियां (MBS) क्या हैं?
Mortgage Backed Securities (MBS) वे प्रतिभूतियां होती हैं जो गृह ऋण (Home Loans) या बंधक ऋण (Mortgages) के cash flows से समर्थित होती हैं।
यह कैसे होता है?
बैंक या financial institution गृह ऋण देती है।
इन ऋणों से नियमित EMI (Equated Monthly Installments) के रूप में नकदी प्रवाह होता है।
बैंक या संस्था इन ऋणों को एक समूह में बाँधती है और इस समूह के नकदी प्रवाह के आधार पर MBS जारी करती है।
निवेशक इन MBS को खरीदते हैं और उन्हें नियमित ब्याज और मूलधन की वापसी मिलती है, जो गृह ऋण से प्राप्त नकदी प्रवाह से भुगतान किया जाता है।
इस प्रकार, MBS ऋण देने वाली संस्था के लिए liquidity generate करने का एक जरिया है, क्योंकि वे ऋणों को बाजार में बेचकर तुरंत पैसे प्राप्त कर सकती हैं।
परिसंपत्ति समर्थित प्रतिभूतियां (ABS) क्या हैं?
Asset Backed Securities (ABS) भी MBS की तरह ही होती हैं, लेकिन ये केवल गृह ऋण से नहीं बल्कि अन्य प्रकार की वित्तीय परिसंपत्तियों से समर्थित होती हैं, जैसे:
ऑटो ऋण (Car Loans)
क्रेडिट कार्ड बकाया (Credit Card Receivables)
किराया प्राप्य (Lease Rentals)
शिक्षा ऋण (Education Loans)
और अन्य वित्तीय लेनदेन से प्राप्त नकदी प्रवाह।
इसी नकदी प्रवाह के आधार पर ABS जारी की जाती हैं, जो निवेशकों को ब्याज और मूलधन की वापसी का वादा करती हैं।
MBS और ABS के फायदे:
नियमित नकदी प्रवाह (Regular Cash Flow): निवेशकों को नियमित रूप से interest और principal भुगतान मिलता है।
विविधता (Diversification): पोर्टफोलियो में विभिन्न प्रकार की परिसंपत्तियां जोड़ने का अवसर।
तरलता (Liquidity): MBS और ABS को स्टॉक एक्सचेंजों पर सूचीबद्ध किया जा सकता है, जिससे इन्हें आसानी से खरीदा या बेचा जा सकता है।
क्रेडिट रेटिंग: ये securities credit rating agencies द्वारा रेट की जाती हैं, जिससे निवेशकों को जोखिम समझने में मदद मिलती है।
जोखिम (Risks) और चुनौतियां:
क्रेडिट रिस्क (Credit Risk): यदि underlying ऋणधारक भुगतान करने में असमर्थ रहते हैं, तो नकदी प्रवाह प्रभावित होता है।
पूर्व भुगतान जोखिम (Prepayment Risk): ऋणधारक जल्दी भुगतान कर देते हैं, जिससे expected interest income कम हो सकता है।
बाजार जोखिम (Market Risk): ब्याज दरों में बदलाव से MBS और ABS की कीमतें प्रभावित होती हैं।
संकट का खतरा: 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट की एक बड़ी वजह MBS के अस्थिर होने से हुई थी, इसलिए निवेश में सावधानी आवश्यक है।
वित्तीय नवप्रवर्तन में MBS और ABS की भूमिका:
आधुनिक वित्तीय बाजारों में नवप्रवर्तन लगातार हो रहा है। MBS और ABS जैसे structured financial products वित्तीय संस्थाओं को उनके परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग करने, जोखिम को फैलाने और निवेशकों को नए अवसर प्रदान करने में मदद करते हैं।
ये उत्पाद निवेशकों के लिए एक नया avenue खोलते हैं जहाँ वे अपनी risk-return profile के अनुसार निवेश कर सकते हैं।
निष्कर्ष:
बंधक समर्थित प्रतिभूतियां (MBS) और परिसंपत्ति समर्थित प्रतिभूतियां (ABS) ऐसे financial instruments हैं जो नकदी प्रवाह वाले underlying assets से जुड़े होते हैं।
ये securities निवेशकों को नियमित आय का स्रोत प्रदान करती हैं और जारीकर्ता संस्थाओं को liquidity प्रदान करती हैं। हालांकि, निवेश से पहले इनके risks और मार्केट की स्थिति को समझना आवश्यक है।
यदि आप अपने निवेश पोर्टफोलियो में विविधता लाना चाहते हैं और नियमित आय की तलाश में हैं, तो MBS और ABS पर विचार करना एक समझदारी भरा कदम हो सकता है।
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