शेयर बाजार का स्वभाव तेजी (Bull Market) और मंदी (Bear Market) के चक्रों में घूमता रहता है। जब बाजार में Optimism और भरोसा होता है, तब तेजी का दौर शुरू होता है, जहाँ निवेशक बेहतर भविष्य की उम्मीद में अधिक कीमत चुकाने को तैयार रहते हैं। व्यवसाय विस्तार कर रहे होते हैं, मुनाफे की संभावना बढ़ती है, और बाजार में Liquidity की अधिकता होती है। ऐसे समय में शेयर की कीमतें अपने वास्तविक मूल्य से ऊपर तक जा सकती हैं। लेकिन जब यह Optimism अत्यधिक बढ़ जाता है, तो अंततः बाजार Correction या Crash के दौर से गुजरता है।
मंदी के दौर में जब बाजार में निराशा और डर छा जाता है, तब शेयर की कीमतें गिरती हैं। कई कंपनियाँ आर्थिक दबाव में आ जाती हैं, और निवेशक अपने नुकसान को स्वीकार करते हुए स्टॉक्स बेच देते हैं। मगर इसी दौर में विवेकपूर्ण निवेशक उन अवसरों की तलाश करते हैं जहाँ शेयरों का मूल्यांकन आकर्षक होता है। केंद्रीय बैंक ब्याज दरें कम कर उपभोग और निवेश को प्रोत्साहित करते हैं, जिससे मंदी का दौर धीरे-धीरे तेजी में बदलता है।
महान निवेश गुरुओं का निवेश से जुड़ा ज्ञान:
बेंजामिन ग्राहम (Benjamin Graham), जिन्हें Value Investing का जनक कहा जाता है, ने "Mr. Market" का एक बहुत ही प्रसिद्ध रूपक दिया। उन्होंने कहा कि निवेशकों को बाजार की भावनाओं से प्रभावित नहीं होना चाहिए। Mr. Market रोज़ आपके शेयर का मूल्य बताएगा, कभी बहुत अधिक, कभी बहुत कम। आपका काम है कि आप उस मूल्यांकन को समझदारी से लें, न कि बाजार की भावना के अनुसार भागें। ग्राहम कहते हैं:
"निवेश से संतोषजनक परिणाम प्राप्त करना जितना लोग समझते हैं, उससे कहीं अधिक आसान है; लेकिन बेहतर परिणाम प्राप्त करना जितना दिखता है, उससे कहीं अधिक कठिन है।"
"अल्पावधि में बाजार एक वोटिंग मशीन है, लेकिन दीर्घावधि में यह एक वजन तौलने वाली मशीन है।"
चार्ली मुंगेर (Charlie Munger) कहते हैं:
"एक अच्छा निवेशक बनना आपको एक बेहतर व्यवसाय प्रबंधक बनाता है, और एक अच्छा व्यवसाय प्रबंधक बनना आपको एक बेहतर निवेशक बनाता है।"
डेविड ड्रेमन (David Dreman) कहते हैं:
"मनोविज्ञान संभवतः बाजार में सबसे महत्वपूर्ण कारक है – और वह भी जिसे सबसे कम समझा जाता है।"
जॉन टेम्पलटन (John Templeton) का प्रसिद्ध कथन है:
"अधिकतम निराशावाद के बिंदु पर निवेश करें।"
पीटर लिंच (Peter Lynch) का निवेश का सरल लेकिन गहरा मंत्र है:
"ऐसा व्यवसाय अपनाओ जिसे कोई भी मूर्ख चला सके – क्योंकि देर-सवेर, कोई भी मूर्ख उसे चलाएगा।"
वाल्टर श्लॉस (Walter Schloss) कहते हैं:
"यदि आपको अच्छे मूल्य वाले निवेश की स्थिति नहीं मिल रही है, तो अपना पैसा नकदी में लगाएं।"
और सबसे मशहूर निवेशक वॉरेन बफेट (Warren Buffett) के नियम जो हर निवेशक के लिए अनमोल हैं:
"नियम नंबर 1 है कि कभी भी पैसा न खोएं। नियम नंबर 2 है कि नियम नंबर 1 को कभी न भूलें।"
निष्कर्ष:
कोई भी व्यक्ति इन महान निवेशकों की पुस्तकों और विचारों से सीख सकता है, जो न केवल निवेश के बारे में बल्कि जीवन के लिए भी मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। बाजार की अस्थिरता के बीच भी, इन गुरुओं के ज्ञान से हम धैर्य, अनुशासन और समझदारी से निवेश कर सकते हैं।
शेयर बाजार के तेजी और मंदी के चक्रों के बीच, यह पवित्रता और अनुशासन ही हमें सफल निवेश की ओर ले जाती है।